Book review of – With you, without you.

the sorting hat, book
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With you, without you

शीर्षक – विद यू, विदाउट यू।
लेखक – प्रभात रंजन
पन्ने – 280

यह किताब विद यू, विदआउट यू बहुत ही रोचक प्रेम कहानी है। इसमें इंसानी रिश्ते और उनके बीच के प्रेम को दर्शाया गया है।

हर एक प्रेम कहानी सफल नहीं होती औऱ हमेशा खुशहाल नहीं होती, यही बात लेखक ने अपनी किताब में बताने का प्रयास किया है। लेखक ने बहुत ही सुंदरता से सभी चीज़ों और भावनाओं को प्रदर्शित किया है। सभी किरदारों को भी लेखक ने अच्छे से दर्शाया है तथा सभी किरदारों के साथ इंसाफ किया है।

इस कहानी में तीन किरदार हैं रमी, निशिंद, और आदित्य जिनके बीच में गहरी दोस्ती है। कभी – कभी दो लोगों के बीच में दोस्ती से भी गहरा एक रिश्ता होता है, उसी दोस्ती और प्यार को लेखक ने इस किताब में दर्शाया है। वैसे तो ये तीनों दोस्त होते हैं पर रमी और निशिंद की दोस्ती थोड़ी अलग ही होती है। आदित्य भी उनका अच्छा दोस्त होता है पर कुछ समय बाद निशिंद को यह एहसास होता है कि रमी और आदित्य एक दूसरे से प्यार करते हैं और ये जानकर पर प्रसन्न नहीं होता तथा इस कुछ कर देता है जिससे उन तीनों की ज़िंदगी ही मानो बदल जाती है। वो एसा क्या करता है जिसके लिए उसे बाद में पछताना पड़ता है? क्या उन तीनों की ज़िंदगी फिर से ठीक हो पाती है? ये तो आपके ये नावेल पढ़ने के बाद ही पता चलेगा।

हिंदी भाषा का उपयोग लेखक ने बखूबी किया है तथा बहुत सुंदर विवरण दिया है हर घटना का। मुझे वैसे भी रोमांस और प्रेम कहानिया पढ़ना अच्छा लगता है तो यह किताब मुझे बहुत पसंद आयी।

किताब का पहला पन्ना भी बहुत सुंदर एवं आकर्षक है। मैं लेखक की सराहना करना चाहूंगी क्योंकि हिंदी भाषा में किताब लिखना एक जटिल काम है और लेखक ने इस कार्य को पूरी निष्ठा एवं लगन से किया है। अगर आपको भी कुछ प्यार भरा, रोमांटिक और दिल को छू जाने वाला साहित्य पढ़ना है तो इस नावेल को जरूर पढ़ें।

 

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